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श्री हनुमान चालीसा- Hanuman Chalisa in Hindi Lyrics

Hanuman Chalisa in Hindi: नमस्कार दोस्तों prthmikteacher.com मे आपका स्वागत है। आज कि यह पोस्ट बहुत ही important होने वाली है क्योंकि आज हम यहाँ पर कोई study से Related पोस्ट नहीं बल्कि आस्था से Related होने वाली है। आज हम श्री हनुमान जी की आरती (Hanuman Chalisa) लिखने वाले है।

अगर आपका जन्म एक हिन्दू परिवार मे हुआ है तो आपको Hanuman Chalisa in Hindi जरूर पढ़ना चाहिए। सबसे पहले आपको श्री हनुमान जी के बारे मे कुछ Basic जानकारी बता देते है जो कि शायद आप जानते भी होंगे तो दोस्तो अगर आप Hanuman Chalisa पढ़ते है तो उसमे आपको सब कुछ ज्ञात हो जाता है

Hanuman_Chalisa_Hindi


आपको बता दें हनुमान जी का जन्म चैत्र शुक्ल पक्ष पूर्णिमा के दिन चित्रा नक्षत्र में भगवान हनुमान जी का जन्म हुआ था। माता अंजना एवं पिता वानर राज केसरी के यहां हुआ है।
Hanuman जन्मोत्सव हर साल 16 April को मनाया जाता है। हनुमान जी के बचपन का नाम मारुति है। Hanuman Ji को अन्य कई नामों से भी जाना जाता है जैसे- पवनपुत्र, अंजनीसूत, महाबली, संकटमोचन, कष्टहरन, केसरीनन्दन, कपिश्रेष्ठ, बजरंगबली,  रामदूत, महावीर आदि अनेकों नाम है।

सप्ताह के सात दिनों मे से मंगलवार के दिन को हनुमान जी का दिन माना जाता है इसे लोग हनुमानवार भी कहते है। मंगलवार के दिन हनुमान जी को जरूर याद किया जाता है। अगर आप भी हिन्दू धर्म मे आस्था रखते हो तो आज हनुमान चालीसा जरूर पढ़ें।

Hanuman Chalisa (Hanuman Chalisa in Hindi)


दोहा (Doha):

श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।

बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।।

बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।

बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।

 

Hanuman Chalisa Lyrics [Hanuman Chalisa Lyrics in Hindi]


चौपाई (चौपाई):-

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।

जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।

 

रामदूत अतुलित बल धामा।

अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।

 

महाबीर बिक्रम बजरंगी।

कुमति निवार सुमति के संगी।।

 

कंचन बरन बिराज सुबेसा।

कानन कुंडल कुंचित केसा।।

 

हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।

कांधे मूंज जनेऊ साजै।

 

संकर सुवन केसरीनंदन।

तेज प्रताप महा जग बन्दन।।

 

विद्यावान गुनी अति चातुर।

राम काज करिबे को आतुर।।

 

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।

राम लखन सीता मन बसिया।।

 

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।

बिकट रूप धरि लंक जरावा।।

 

भीम रूप धरि असुर संहारे।

रामचंद्र के काज संवारे।।

 

लाय सजीवन लखन जियाये।

श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।।

 

रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।

तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।

 

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।

अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।

 

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।

नारद सारद सहित अहीसा।।

 

जम कुबेर दिगपाल जहां ते।

कबि कोबिद कहि सके कहां ते।।

 

तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।

राम मिलाय राज पद दीन्हा।।

 

तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना।

लंकेस्वर भए सब जग जाना।।

 

जुग सहस्र जोजन पर भानू।

लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।

 

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।

जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।

 

दुर्गम काज जगत के जेते।

सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।

 

राम दुआरे तुम रखवारे।

होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।

 

सब सुख लहै तुम्हारी सरना।

तुम रक्षक काहू को डर ना।।

 

आपन तेज सम्हारो आपै।

तीनों लोक हांक तें कांपै।।

 

भूत पिसाच निकट नहिं आवै।

महाबीर जब नाम सुनावै।।

 

नासै रोग हरै सब पीरा।

जपत निरंतर हनुमत बीरा।।

 

संकट तें हनुमान छुड़ावै।

मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।।

 

सब पर राम तपस्वी राजा।

तिन के काज सकल तुम साजा।

 

और मनोरथ जो कोई लावै।

सोइ अमित जीवन फल पावै।।

 

चारों जुग परताप तुम्हारा।

है परसिद्ध जगत उजियारा।।

 

साधु-संत के तुम रखवारे।

असुर निकंदन राम दुलारे।।

 

अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।

अस बर दीन जानकी माता।।

 

राम रसायन तुम्हरे पासा।

सदा रहो रघुपति के दासा।।

 

तुम्हरे भजन राम को पावै।

जनम-जनम के दुख बिसरावै।।

 

अन्तकाल रघुबर पुर जाई।

जहां जन्म हरि-भक्त कहाई।।

 

और देवता चित्त न धरई।

हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।।

 

संकट कटै मिटै सब पीरा।

जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।

 

जै जै जै हनुमान गोसाईं।

कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।

 

जो सत बार पाठ कर कोई।

छूटहि बंदि महा सुख होई।।

 

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।

होय सिद्धि साखी गौरीसा।।

 

तुलसीदास सदा हरि चेरा।

कीजै नाथ हृदय मंह डेरा।।


दोहा (Doha):

पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।

राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।।

 

FaQs:

1. हनुमान चालीसा का जाप कितने बजे करना चाहिए?

व्यक्ति सुबह और शाम दोनों समय हनुमान चालीसा का पाठ कर सकता है। यह सुझाव दिया जाता है कि हनुमान चालीसा को सुबह स्नान के बाद पढ़ना चाहिए और यदि कोई शाम को पढ़ रहा है, तो उसे हाथ और पैर अच्छी तरह से धोकर हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।

2. हनुमान चालीसा सुनने के क्या फायदे हैं?

हनुमान चालीसा का पाठ करने से बेचैन मन को शांत होने में मदद मिलती है । यह चालीसा कृतज्ञता की भावना पैदा करती है क्योंकि यह भक्तों को यह महसूस करने में मदद करती है कि ब्रह्मांड को नियंत्रित करने वाली एक मजबूत शक्ति है। यह लोगों को जमीन से जुड़े रहने में मदद करता है। हनुमान चालीसा का पाठ करने से नकारात्मकता और बुरी आत्मा को दूर रखा जा सकता है।

3. हनुमान चालीसा पढ़ने से क्या होता है?

किसी भी प्रकार का कैसा भी बड़ा और भीषण संकट हो संकटमोचन हनुमान चालीसा का पाठ अत्यंत प्रभावकारी है। हनुमान जयंती पर इस पाठ से हर बाधा का नाश होता है और संकटों का अंत होता है।

4. हनुमान जी का आशीर्वाद कैसे प्राप्त करें?

हनुमान जी की कृपा आप पर निरंतर बनी रहे इसके लिए पहली शर्त यह है कि आप मन, वचन और कर्म से पवित्र रहें अर्थात कभी भी झूठ न बोलें, किसी भी प्रकार का नशा न करें, मांस न खाएं और अपने परिवार के सदस्यों से प्रेमपूर्ण संबंध बनाए रखें। इसके अलावा प्रतिदिन श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें।

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